Saturday, November 17, 2018

मोहन प्रेम बिना नही मिलता


मोहन प्रेम बिना नही मिलता चाहे करलो कोटि उपाय
मिले न जमुना सरस्वती में मिले न गंग नहाय
प्रेम सरोवर में जब डूबे प्रभु का अलख लगाय
मोहन प्रेम ......……................................
मिले न परबत में निर्जन में मिले न वन भरमाय
प्रेम बाग घूमे तो हरि को घट में ले पघराय
मोहन...................................................
मिले न पंडित को ज्ञानी को मिले न ध्यान लगाए
ढाई अक्षर प्रेम पढ़े तो नटवर नयन समाय
मोहन प्रेम बिना नही..................................
 
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