Tuesday, March 16, 2010

बासंती पूजा

हिन्दू पंचांग के हिसाब से एक मास में दो पक्ष होते हैं। पहला कृष्णपक्ष , इसमें चंद्रमा निरंतर घटता जाता है और अमावस्या के दिन पूर्ण अंधकार हो जाता है। दूसरा शुक्ल पक्ष , जिसमें चंद्रमा बढ़ता है पूर्णिमा के दिन पूर्ण प्रकाशित हो जाता है। चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से विक्रम संवत शुरू होता है जिसे हिंदू नववर्ष या नव संवत्सर भी कहते हैं ।

आज चैत्र शुक्ल पक्ष का प्रतिपदा है और विक्रम संवत २०६७ का आरम्भआज के दिन ही बासंती या चैत्र नवरात्रा आरम्भ होता है और आज के दिन ही चैत्र दुर्गा पूजा की कलश स्थापना की जाती है । नौ दिनों तक धूम धाम से चलने वाली इस दुर्गा पूजा का भी विशेष महत्व है

6 comments:

Pandit Kishore Ji said...

badiya jaankaari di hain aapne

मनोज कुमार said...

अच्छी जानकारी। धन्यवाद।

वन्दना said...

bahut badhiya jankari.........nav samvatsar mangalmay ho.

संगीता पुरी said...

नए वर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं !!

Udan Tashtari said...

आभार जानकारी का.

आप को नव विक्रम सम्वत्सर-२०६७ और चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ ..

चंदन कुमार झा said...

बढ़िया पोस्ट

 
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