" शंकर जी की आरती "
आरती करो हर हर की करो
नटवर की भोले शंकर की
आरती करो शंकर की ....2
सर पर शशि का मुकुट संभारे
तारों के पायल झनकारे
धरती अम्बर डोले तांडव
लीला की नटवर की
आरती करो शंकर की
आरती करो हर हर की...
फन का हार पहनने वाले
शम्भो हैं जग के रखवाले
सकल चरा चर ओ डमरूधर
लीला की नटवर की
आरती करो शंकर की
आरती करो हर हर की ...
महादेव जय जय शिव शंकर
जय गंगाधर जय डमरूधर
हे देवों के देव मिटायो
विपदा अब घर घर की
आरती करो शंकर की
आरती करो हर हर की......