दीपावली
दीपावली में हर जगह दिया जलाये जाने की प्रथा है। वैसे तो आजकल बिजली के बल्ब की लड़ियों से सभी जगह रंग बिरंगी रोशनी फैली होती है पर पहले दिवाली में पूजा और दिया का ही महत्व होता था। घर में पूजा के बाद तुलसी के सामने दिया और घर के बाहर यम दिया जलाया जाता है। उसके बाद सभी जगह दिया की जगमगाहट बिखेरी जाती है। इस चित्रकला में आकाश के तारों की तुलना अष्टदल वाले अल्पना से की गयी है जिसे देवी लक्ष्मी और विष्णुदेव के पूजा में बनाया जाता है।

