Showing posts with label गणपति वंदना. Show all posts
Showing posts with label गणपति वंदना. Show all posts

Saturday, August 22, 2020

जय गणेश गणनाथ गुणाकर



जय गणेश गणनाथ गुणाकर सकल विघ्न हरो दूर हमारे 
प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारे तिनके पूरण कारज सारे 
लंबोदर गज बदन मनोहर कर त्रिशूल पर सोभर दानी 

जय गणेश गणनाथ गुणाकर सकल विघ्न हरो दूर हमारे 
ऋद्धि सिद्धि दोउ चंवर डोलवे मूसक बाहन परम सुखारे
ब्रह्मानंद सहाय करो नित भक्त जनो के तुम रखवाले 

जय गणेश गणनाथ  गुणाकर सकल विघ्न हरो दूर हमारे 

Thursday, March 1, 2018

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा

 
वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:। निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा l
माता तो पार्वती पिता महादेव ll

एकदंत दयावंत चारभुजा धारी l
माथे सिन्दूर सोभे मूस के सवारी ll

फूल चढ़े पान चढ़े और चढ़े मेवा  l
लडुअन को भोग लागे संत करे सेवा ll

अंधे को आँख डेट कोढ़ियन को काया l
बांझी को पुत्र देत निर्धन को माया ll

Sunday, October 6, 2013

गणपति विघ्न विनाश नहारे


गणपति विघ्न विनाश नहारे, नाश निहार विनाश नहारे 
गणपति विघ्न..................................................
लंबोदर पीताम्बर सोहे, फनिमणि मुकुट नयन रतनारे 
गणपति विघ्न ..................................................
गजमणि माल गले बिच राजित, भाल लाल में चंद्र कलारे 
गणपति विघ्न विनाश नहारे .................................
मोदक लेत देत जननी जब ,ठुमुकि चलत नुपुर झनकारे 
गणपति विघ्न ...................................................
ऋद्धि-सिद्धि दौ चंवर डोलावे, मूसक वाहन परम सुखावे
गणपति विघ्न ..................................................

Monday, April 18, 2011

गाईये गणपति जग बंदन !!


"गणपति वंदना"

गाईये गणपति जग वंदन,
शंकर सुवन भवानी के नंदन.

सिद्धि सदन गज बदन विनायक, 
कृपा सिन्धु सुन्दर सब लायक. 
गाईये गणपति जग वंदन,
शंकर सुवन भवानी के नंदन.


मोदक प्रिय मुद मंगल दाता,
विद्या बारिधि बुद्धि विधाता.
गाईये गणपति जग वंदन,
शंकर सुवन भवानी के नंदन.

मांगत तुलसी दास कर जोरे,
बसहूँ राम सिय मानस मोरे.
गाईये गणपति जग वंदन,
शंकर सुवन भवानी के नंदन.

 
Share/Save/Bookmark