Friday, February 25, 2011

अब दर्शन दे दो हे महेश्वर


"अब दर्शन दे दो हे महेश्वर"

शंकर शम्भो तेरी महिमा,
गाऊँ निश दिन हे नटनागर 

बीच भ्रमर में नाव डूबत है 
पार लगा दो हे प्रलयंकर  

तीनो लोक चरण में तेरे 
शरण में आई हे परमेश्वर 

रूद्र रूप हो, सर्वसंघारी
नतमस्तक हूँ हे चंद्रशेखर     

आस लगाए बैठी कब से 
अब दर्शन दे दो हे महेश्वर

-कुसुम ठाकुर-


4 comments:

वन्दना said...

भोले नाथ को नमन्…………भक्ति भाव भरा बहुत ही सुन्दर …………बेहद खूबसूरत शब्द संयोजन्।

runu jha said...

bahut neek.bahut neek lagal paidh ka.

smriti said...

badd sundar prarthna laagal...........bhaao aspat yae aa bht saral sabd sau sja kau ekra anhaan aur sundar bnaelaun.........

Kusum Thakur said...

बहुत बहुत धन्यवाद!!

 
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