Thursday, September 17, 2009

श्री भगवती स्तोत्रम् (जय भगवती देवी नमो)



जय भगवती देवी नमो वरदे, जय पापविनाशिनी बहुफलदे ।
जय शुम्भनिशुम्भकपालधरे, प्रणमामि तु देवी नरात्रि हरे ।।
जय चन्द्र दिवाकरनेत्रधरे, जय पावक भूषितवक्त्रवरे ।
जय भैरव देह निलीनपरे, जय अन्धकदैत्यविशोषकरे ।।
जय महिषविमर्दिनी शूलकरे, जय लोकसमस्तकपापहरे ।
जय देवी पितामहविष्णुनते, जय सागरगामिनि शम्भुनुते ।
जय दुःखदरिद्रविनाशकरे, जय पुत्रकलत्रविवृद्धिकरे ।।
जय देवी समस्तशरीरधरे, जय नाकविदर्शिनि दुःखहरे ।
जय व्याधिविनाशिनि मोक्ष करे, जय वाञ्छितदायिनि सिद्धिवरे ।।
एत द्व्यासकृतं स्तोत्रं यः पठेन्नियतः शुचिः ।
गृहे वा शुद्ध भावेन प्रीता भगवती सदा ।।

1 comment:

ACHARYAJI KAHI said...

बहुत अच्छा है।
विधि भ ी लिखते तो अच्छा था।
भगवती की कृपा आप पर यूं ही बनी रहे।
रमेश सचदेवा

 
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