Sunday, August 9, 2009

शिव स्त्रोत


त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टि वर्धनम
उर्वारुक मिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात ।


कहते हैं शिव जी अर्थात भोला बाबा या भोले दानी बहुत जल्द प्रसन्न हो जाते हैं। उन्हें यदि प्रतिदिन जल चढाई जाय तो वो उससे भी प्रसन्न रहते है। वैसे तो लोगों का अलग अलग मत है पर यदि भोला बाबा को मन से अपने अपने घरों में भी याद की जाय तो वे अपने भक्तों को निराश नहीं करते। प्रस्तुत है उनके कुछ श्लोक और गीत। :




(1 )
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय
भस्मंगरागाय महेश्वराय ।
नित्याय शुध्याय दिगम्बराय
तस्मै न काराय नमः शिवाय ।।
मंदा किनी सलिल चन्दन चर्चिताय
नन्दीश्वर प्रमथ नाथ महेश्वराय।
मंदार पुष्प बहु पुष्प सुपूजिताय
तस्मै म काराय नमः शिवाय ।।
शिवाय गौरी बदनाब्जवृन्द
सूर्याय दक्षा ध्वरनाशकाय।
श्री नील कंठाय वृषध्वजाय
तस्मै शि काराय नमः शिवाय ।।
वसिष्ठ कुम्भो द्भव गौतमार्य-
मुनीन्द्र देवार्चितशेखराय ।
चन्द्रार्क वैश्वा नरलोचलाय
तस्मै व काराय नमः शिवाय।।
यक्षस्व रूपाय जटाधराय
पिनाक हस्ताय सनातनाय ।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय
तस्मै य काराय नमः शिवाय ।।
पंचाक्षर मिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ।
शिव लोक म़वा प्नोति शिवेन सः मोदते।।




(2)

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्री शैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकाल मोंकारममलेश्वरम ।।
परल्यां बैध्यनाथं च डाकिन्यां भीमशंकरम ।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने ।।
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमी तटे ।
हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये ।।
एतानि ज्यितिर्लिंगानी सायं प्रातः पठेन्नरः ।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति।।


(३)

शिव दानी तू नजा नजा ....२
मन में तू बस जा
हर हर बम बम शब्द सुना
डिम डिम डमरू बजाबजा ।।
शिव दानी तू नजा नजा ....२
नित्य भोर बेलपत्र चढाऊं
भांग धथुर खोजि लाऊँ
जैसे मानो वैसे मनाऊं
हर हर भोले नजा ।।
शिव दानी तू नजा नजा.....२
करुणाकर करुणा बरसाऊँ
अमृता पान करा
जैसे मानो वैसे मनाऊं
हर हर भोले नजा
शिव दानी तू नजा नजा ..... २



(४ )

"आरती शंकर जी की "


आरती करो हर हर की करो नटवर की भोले शंकर की
आरती करो शंकर की ।

सर पर शशि का मुकुट सवाँरे
तारों के पायल झनकारे
धरती अम्बर डोले तांडव
लीला की नटवर की
आरती करो शंकर की।
आरती करो ................ ।

फण का हार पहनने वाले
शम्भो हैं जग के रखवाले
सकल चरा चर वो डमरू धर
ऊँगली पर विष धर की
आरती करो शंकर की ।
आरती करो............ ।

महा देव जय जय शिव शंकर
जे गंगा धर जय डमरू धर
हे देवों के देव मिटायो
विपदा अब घर घर की।
आरती करो .............. ।




4 comments:

aarya said...

सादर वन्दे !
आपके इस पोस्ट के लिए आभार!
अगर शिव तांडव शुद्ध रूप में पोस्ट करें तो मै आपका आभारी रहूँगा!
रत्नेश त्रिपाठी

बिपिन बादल said...

kohber shabd khinchi lelak apna dis. maithilk dharohari k sahej k rakhaba lel sadhuvad. poorn aasha aa aakanksha achhi j apne apne maithilk pahchan aa gareema k pataka sadaiv oonch rakhab.
bipin badal, maithilitimesonline.blogspot.com

Guddo's corner said...

karunakar karuna barsaoon amrit paan kara ....(2)
jaisey mano waisey manaoon har har bhole na jaa ...
Shiv dani tu na ja na ja ...


Pl add this line too ....Didi
Binny

Kusum Thakur said...

रत्नेश जी ,
हमारे पास शिव तांडव है, मैं जल्द ही आपकी
फरमाइश को पूरी करने की कोशिस करुँगी.

रत्नेश जी, बिपिन जी और बिन्नी आप सबों को आभार.

-कुसुम ठाकुर -

 
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